ना कहने की पावर: बेहतर मेन्टल हेल्थ के लिए सीमाएं तय करना | No Kehne Ki Power: Behtar Mental Health Ke Liye Boundaries Set Karna
एक समय था जब मैं किसी को “ना” नहीं कह पाता था। कोई भी काम बोल दे, कोई भी माँग रख दे — मेरे मुँह से बस “हाँ, हो जाएगा” निकलता। मुझे लगता था कि इससे लोग मुझे पसंद करेंगे, अच्छा समझेंगे। पर हुआ इसका उल्टा। हर किसी की “हाँ” कहते-कहते, मेरे पास अपने लिए,…
